Monday, January 20, 2020

هل يكون مؤتمر برلين بداية لتسوية النزاع الليبي؟

طالبت الدول المشاركة في مؤتمر برلين لبحث الأزمة في ليبيا، والذي أنهى اعماله مساء الاحد 19 يناير/كانون الثاني، كافة اطراف الصراع بالالتزام بحظر تصدير السلاح إلى ليبيا، والعمل على الوصول لتسوية سياسية للأزمة القائمة.

ولم يشارك كل من خليفة حفتر، الذي يقود قوات عسكرية في شرق ليبيا، وفائز السراج، رئيس الحكومة المعترف بها دوليا في طرابلس، وجها لوجه في هذا المؤتمر، الأمر الذي يعكس الفجوة الواسعة بين مواقف الطرفين كما قال وزير الخارجية الروسي سيرجي لافروف.

وتعكس قائمة الحاضرين دوليا لقمة برلين، ومستوى الحضور، مدى الأهمية التي توليها أوروبا والعالم للموضوع الليبي، إذ ضمت قائمة الحضور، قادة كل من روسيا وتركيا وفرنسا وإيطاليا ومصر والجزائر، بالإضافة إلى رئيسة المفوضية الأوربية (أورزولا فون دير لاين) ممثلة للاتحاد الأوربي، وغسان سلامة مبعوث الأمم المتحدة إلى ليبيا.

ويجمع المراقبون على أن القمة التي تشهدها برلين، لن تأتي بالحل الكامل للأزمة الليبية، لكنها وكما اشار عدة مسؤولين ألمان تمثل مجرد بداية لحل الأزمة، وكما قال وزير الخارجية الألماني لصحيفة "بيلد أم زونتاغ" الصادرة صباح الأحد، فإن الأوربيين والألمان يعولون بقوة، على نجاح هذه القمة، كـ"خطوة أولى من أجل السلام في ليبيا".

ويبدو الهدف الأساسي من قمة برلين، هو التعامل مع مواقف الدول الإقليمية الداعمة لطرفي النزاع في ليبيا، وليس التعامل مع مواقف طرفي النزاع نفسيهما، ويبدو ذلك واضحا من خلال السعي الألماني، للخروج بضمانات لتفعيل اتفاقية حظر بيع السلاح، للأطراف المتنازعة في ليبيا، والتي لم يلتزم بها أحد حتى الآن، وهو موقف يتناغم مع موقف الأمم المتحدة الداعي مرارا، لوقف كافة التدخلات الخارجية في الساحة الليبية.

لكن هل يمكن حقا وبسهولة، وقف التدخلات الخارجية، في الصراع الليبي؟ سؤال ربما تبدو الإجابة عليه صعبة، فقد صار الملف الليبي، محلا للنزاع بين قوى دولية على رأسها روسيا وأوروبا، لكن حتى في حالة اقرار مؤتمر برلين لحلول، قد تتضمن إرساء السلام في ليبيا، عبر إرسال قوات أوربية إلى هناك، فلا أحد يعلم ما إذا كانت أطراف مثل روسيا وتركيا، ستقبل بذلك دون شراكة منها، في وقت تتخوف فيه أطراف ليبية من أن يؤدي اعتماد إرسال قوات من هذا القبيل إلى تقسيم ليبيا.

هل يمثل مؤتمر برلين بداية حقيقية لحل الأزمة في ليبيا؟

هل يلتزم كل من حفتر والسراج بوقف اطلاق النار؟

هل تمتلك الدول الأوروبية، وعلى رأسها ألمانيا وإيطاليا وفرنسا، أوراق ضغط مؤثرة على حفتر والسراج؟

وإذا تطلب الأمر ارسال قوات دولية إلى ليبيا، فما هي الصيغة التي يمكن أن تعمل في إطارها هذه القوات؟

سنناقش معكم هذه المحاور وغيرها في حلقة الاثنين 20 كانون الثاني/يناير من برنامج نقطة حوار الساعة 16:06 جرينتش.

طالبت الدول المشاركة في مؤتمر برلين لبحث الأزمة في ليبيا، والذي أنهى اعماله مساء الاحد 19 يناير/كانون الثاني، كافة اطراف الصراع بالالتزام بحظر تصدير السلاح إلى ليبيا، والعمل على الوصول لتسوية سياسية للأزمة القائمة.

ولم يشارك كل من خليفة حفتر، الذي يقود قوات عسكرية في شرق ليبيا، وفائز السراج، رئيس الحكومة المعترف بها دوليا في طرابلس، وجها لوجه في هذا المؤتمر، الأمر الذي يعكس الفجوة الواسعة بين مواقف الطرفين كما قال وزير الخارجية الروسي سيرجي لافروف.

وتعكس قائمة الحاضرين دوليا لقمة برلين، ومستوى الحضور، مدى الأهمية التي توليها أوروبا والعالم للموضوع الليبي، إذ ضمت قائمة الحضور، قادة كل من روسيا وتركيا وفرنسا وإيطاليا ومصر والجزائر، بالإضافة إلى رئيسة المفوضية الأوربية (أورزولا فون دير لاين) ممثلة للاتحاد الأوربي، وغسان سلامة مبعوث الأمم المتحدة إلى ليبيا.

ويجمع المراقبون على أن القمة التي تشهدها برلين، لن تأتي بالحل الكامل للأزمة الليبية، لكنها وكما اشار عدة مسؤولين ألمان تمثل مجرد بداية لحل الأزمة، وكما قال وزير الخارجية الألماني لصحيفة "بيلد أم زونتاغ" الصادرة صباح الأحد، فإن الأوربيين والألمان يعولون بقوة، على نجاح هذه القمة، كـ"خطوة أولى من أجل السلام في ليبيا".

ويبدو الهدف الأساسي من قمة برلين، هو التعامل مع مواقف الدول الإقليمية الداعمة لطرفي النزاع في ليبيا، وليس التعامل مع مواقف طرفي النزاع نفسيهما، ويبدو ذلك واضحا من خلال السعي الألماني، للخروج بضمانات لتفعيل اتفاقية حظر بيع السلاح، للأطراف المتنازعة في ليبيا، والتي لم يلتزم بها أحد حتى الآن، وهو موقف يتناغم مع موقف الأمم المتحدة الداعي مرارا، لوقف كافة التدخلات الخارجية في الساحة الليبية.

Monday, January 13, 2020

कहानी दुनिया के सबसे लंबे विमान हाईजैकिंग की

ईरान ने बुधवार सुबह दावा किया कि उसने इराक़ के अल असद और इरबिल में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

कुछ देर बाद पेंटागन ने भी इन हमलों की पुष्टि की. न तो ईरान ने हमले में हुए नुक़सान की जानकारी दी है और न अमरीका ने जान-माल की हानि होने की बात कही है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान इस हमले को पिछले हफ़्ते अमरीका के ड्रोन अटैक में अपनी कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख सैन्य अधिकारी क़ासिम सुलेमानी की मौत का बदला बता रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वो सुलेमानी, जिन्हें ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बाद दूसरा सबसे ताक़तवर शख़्स माना जाता था. वो सुलेमानी, जिनकी मौत पर पूरा ईरान एकजुट होता नज़र आया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी की मौत और ईरान के जवाब के बाद अब मध्य पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान और अमरीका के बीच सीधा युद्ध छिड़ने की आशंका के बीच यह ख़तरा भी मंडराने लगा है कि क्षेत्र में अमरीका के सहयोगी भी इससे प्रभावित होंगे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

इस स्थिति का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है क्योंकि विश्व की कुल ज़रूरत का एक तिहाई तेल मध्य पूर्व से ही आता है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जब से डोनल्ड ट्रंप अमरीका के राष्ट्रपति बने हैं, तभी से उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ आक्रामक रुख अपना हुआ है. शुरू से वह ज़ोर देते रहे कि ईरान पश्चिमी देशों के साथ नया परमाणु समझौता करे. जब ईरान इसके लिए राज़ी नहीं हुआ तो अमरीका 2015 में हुए इस समझौते से मई 2018 में बाहर निकल गया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

इसके बाद आर्थिक प्रतिबंधों, धमकियों, परोक्ष युद्ध का जो सिलसिला शुरू हुआ था, उसने आज दोनों देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में तनाव पैदा कर दिया है. अमरीका की डेलवेयर यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान बताते हैं कि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से एक तरह का युद्ध चल रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ह बताते हैं, "ये सिलसिला 1979 से शुरू हुआ है. ईरान मिडल ईस्ट को स्थिर करने के लिहाज़ से अमरीका के प्रमुख सहयोगियों में शामिल था. मगर 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद अमरीका से उसके रिश्ते बहुत ख़राब हो गए."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वैसे ईरान में अमरीका विरोधी भावना तभी उपज गई थी जब ईरान में अगस्त 1953 में तख़्तापलट हुआ था. मुक्तदर ख़ान बताते हैं, "उस दौरान अमरीका ने चार दिनों के अंदर प्रदर्शन करवाकर चुने हुए प्रधानमंत्री मोहम्मद मुसाद्दिक़ को हटाकर बादशाहियत लागू करवा दी थी यानी लोकतंत्र की जगह राजशाही स्थापित कर दी थी."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

लेकिन इसके बाद जब इस्लामिक क्रांति हुई और मोहम्मद रज़ा पहलवी को सत्ता से हटाया गया, उसके बाद से लगातार अमरीका पर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिशों को आरोप लगता रहा है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान बताते हैं कि इसके अलावा ईरान-इराक़ जंग में अमरीका ने इराक़ का साथ दिया, उससे भी रिश्ते ख़राब हुए. वह कहते हैं, "अमरीका लगातार ईरान की राजनीति और सत्ता को बदलने की कोशिश कर रहा है जबकि ईरान की कोशिश है कि न सिर्फ़ मिडल-ईस्ट में अमरीका के प्रभुत्व को ख़त्म करके बल्कि फलस्तीनी इलाक़ों से इसराइल का नियंत्रण भी ख़त्म करे."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान बताते हैं कि वहीं से चलता आ रहा यह सिलसिला अब सुलेमानी की मौत तक पहुंच गया है. वह बताते हैं, ''अमरीकी अधिकारियों का अनुमान है कि जनरल सुलेमानी ने इराक़ में 1100 से 1700 के बीच अमरीकियों को मरवाया है. यानी अमरीका और चीन के बीच शीत युद्ध नहीं बल्कि एक गुनगुना युद्ध चल रहा है.''मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जनरल क़ासिम सुलेमानी ईरान के लिए कितने अहम थे, इसका पता इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां-जहां से उनका जनाज़ा गुज़रा, लाखों की संख्या में लोग जुटे.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

मंगलवार को तो उनके पैतृक शहर किरमान में इतने लोग जुटे की भगदड़ में पचास से अधिक लोगों की जान चली गई. अहवाज़ और तेहरान में भी मानो लोगों का समंदर उमड़ आया हो.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

तेहरान में रहने वालीं वरिष्ठ पत्रकार ज़हारा ज़ैदी बताती हैं कि सुलेमानी इतने लोकप्रिय थे कि उनके जनाज़े में शामिल भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वह कहती हैं, "पूरे देश में उनके लिए अलग तरह की मोहब्बत भी थी और बाहर के देशों में भी लोग उन्हें चाहते थे. इसका कारण क्या था, ये बात या तो वो ख़ुद जानते थे या उनका ख़ुदा जानता है. तेहरान में इतनी भीड़ थी कि सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. यहां तक कहा जा रहा है कि अयातुल्लाह रुहोल्ला खोमैनी के जनाज़े में जितने लोग रहे होंगे, अगर उससे ज़्यादा लोग सुलेमानी के जनाज़े में नहीं थे तो कम भी नहीं रहे होंगे."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

क़ासिम सुलेमानी ईरान के इस्लामिक रेवल्यूशनरी गार्ड्स की जिस कुद्स फोर्स का नेतृत्व करते थे, वह ईरान के मिलिटरी इंटेलिंजेंस से जुड़े काम को संभालती है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

मध्य पूर्व में बढ़ते ईरान के प्रभाव का श्रेय जनरल सुलेमानी और कुद्स फोर्स को ही दिया जाता है. सुलेमानी की मौत से ईरान में ग़म और गुस्से का माहौल तो बेशक़ है, मगर क्या इसे ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका कहा जा सकता है?मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

ईरान ने बेशक़ एक लोकप्रिय शख़्सियत को खोया है, मगर उनके मारे जाने से ईरान को क्या नुक़सान हुआ और अमरीका ने क्या हासिल किया? इस बारे में प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान कहते हैं कि सुलेमानी को लेकर अमरीका की रणनीति कुछ अजीब सी लगती है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वह कहते हैं, "अल क़ायदा के ओसामा बिन लादेन और इस्लामिक स्टेट के अबु बक़र अल-बग़दादी को मारने की कूटनीतिक अहमियत थी जिससे इनके संगठन ही कमज़ोर हो गए. मगर सुलेमानी की मौत से वैसा फ़ायदा नहीं होगा क्योंकि यह एक तरह से वैसी बात है कि वह किसी बीमारी से गुज़र गए हों या समय से पहले रिटायर हो गए हों. उनकी जगह नए जनरल ने ले ली है और हो सकता है वह ईरान के लिए सुलेमानी से बेहतर साबित हो जाएं."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

मुक्तदर ख़ान कहते हैं, "सुलेमानी की मौत से ईरान के रेवल्यूशनरी गार्ड्स को धक्का नहीं लगा, उनकी क्षमता में भी फर्क नहीं आया. सुलेमानी कोई राजनेता भी नहीं थे कि उनके न रहने से देश की दिशा नहीं रहेगी. इससे अमरीका को रणनीतिक रूप से कोई फ़ायदा नहीं होगा. उल्टा ईरान को गुस्से और प्रेरणा का ज़रिया दे दिया गया. साथ ही प्रतिबंधों के कारण आर्थिक गड़बड़ियों से ईरान की जनता नाराज़ थी मगर अब वह अपनी सरकार के साथ खड़ी हो गई है. इस नज़रिये से यह समझदारी भरा फ़ैसला नहीं कहा जा सकता."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जब सुलेमानी पर हमले से ईरान के हथियारों, उसकी क्षमता को नुक़सान नहीं पहुंचा तो फिर अमरीका ने ये क़दम क्यों उठाया? यरूशलम में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरेंद्र मिश्रा बताते हैं कि अमरीका ने इस कार्रवाई से अपने अहम सहयोगी देश इसराइल का भरोसा जीता है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

वह कहते हैं, "इसराइल मानता है कि उसके ख़िलाफ़ जितने भी हमले हुए, जो भी साज़िशें हुईं, उनके लिए सुलेमानी ज़िम्मेदार थे. इसराइली सरकार ने सुलेमानी पर हुए हमले का समर्थन किया है. दरअसल इसराइल में पहले ऐसी सोच बन रही थी कि शायद अब अमरीका हमारी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नहीं होगा. मगर इस कार्रवाई के बाद लोगों को लग रहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ लड़ाई में इसराइल अब अकेला नहीं है, अमरीका उसके साथ है."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

दरअसल इसराइल और फलस्तीन के बीच कभी सीधा संघर्ष नहीं हुआ है मगर ईरान पर हिज्बुल्ला और हमास जैसे उन गुटों का लंबे समय से समर्थन करने के आरोप लगते रहे हैं जो इसराइल को निशाना बनाते हैं.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

अमरीका ने कुद्स फोर्स और सुलेमानी को आतंकवादी घोषित किया हुआ था. अमरीका का मानना है कि मध्य पूर्व, खासकर इराक़ में कई अमरीकियों की मौत के लिए सीधे तौर पर सुलेमानी और कुद्स फोर्स ज़िम्मेदार है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

जैसे ही क़ासिम सुलेमानी की मौत की ख़बर आई, अमरीका के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये क़दम राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आदेश के बाद उठाया गया.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

सुलेमानी को मारने का फ़ैसला करने के पीछे अमरीका में कुछ आंतरिक कारणों पर भी चर्चा हो रही है, जिनमें जल्द होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव और डोनल्ड ट्रंप पर चल रहा महाभियोग भी शामिल है.मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान बताते हैं, "घरेलू मुद्दों को लेकर बात चल रही है कि ट्रंप ने 2015 में 15-20 बार ट्वीट किया था कि ओबामा ईरान से जंग शुरू कर देंगे इलेक्शन जीतने के लिए. अब कहा जा रहा है कि ट्रंप वही लॉजिक इस्तेमाल कर रहे हैं. एक तो इलेक्शन जीतने के लिए और दूसरा इसलिए कि युद्ध होता है तो उस दौरान राष्ट्रपति को शायद न हटाया जाए."मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह

"चर्चा है कि महाभियोग को अजेंडे से हटाने और चुनावों में पुरातनपंथियों का समर्थन हासिल करने के लिए वह ऐसा कर रहे हैं. हालांकि विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पिछले तीन-चार महीनों में ईरान की ओर से भी उकसावे वाली कार्रवाइयां हुई हैं. जैसे कि सऊदी रिफ़ाइनरी पर हमला और फिर इराक़ में पिछले हफ़्ते सात अमरीकियों को मारना. सीधे अमरीका से जुड़े लोगों और संपत्तियों पर हमले के जवाब में अमरीका को जब मौक़ा मिला तो उसने सुलेमानी को रास्ते से हटा दिया." मुक्त अश्लील सेक्स और अनल सेक्स संग्रह